Read
Books
Magazines
Artical
Artical & Series
Stories
Great Personalities
Festival & Retuales
Lectures
Pragya Geet
Audio
Listen
ऑडियो पुस्तकें
प्रेरक कहानियाँ
प्रवचन
प्रज्ञा गीत
ऋषि चिंतन
ध्यान
मंत्र
About us
Contact us
✖
Tags
Books
Magazines
Articles
Article & Series
Stories
Great Personalities
Festival & Rituals
Lectures
Pragya Geet
Audio
Trending searches
0
0
No items in cart
Guest
Not logged in
Guest
Not logged in
Profile
My Order
Wishlist
नीलकण्ठ विष पियो
Share
0
Author:
Balaramsingh Parihar
Code:
HINR0574_58
Source:
हम उनकी जय गायें काव्य संग्रह (Book)
#नीलकण्ठ
#विष
#पियो
नीलकण्ठ विष पियो Document
PDF is Ready
Scroll to read the document.
Topic Of Source Title
उनकी जय गायें (गीत)
कोटि बार प्रणाम (गीत)
आत्म-स्मरण (गीत)
अपना दीप जलाओ (गीत)
पुण्य विहान करो रे (गीत)
पूर्व जागरण (गीत)
दीपकों का जय पर्व (गीत)
निष्ठा की सौगन्ध (गीत)
नवीन पवि का सृजन (गीत)
दो दृष्टिकोण (गीत)
दधीचि का अस्थिदान (गीत)
मानवता का विष (गीत)
शान्ति के सब तार (गीत)
समय के पीछे नहीं रहो (गीत)
धर्म शरणं गच्छामि (गीत)
सात्विक साधना (गीत)
ढीली मन की बागडोर (गीत)
उद्बोधन (गीत)
नये क्षितिज पर पुन उदित हो (गीत)
मैं उसी इतिहास की रचना करूँगा (गीत)
पाँच प्यारों का बलिदान (गीत)
निष्फल बलिदान नहीं होता (गीत)
निर्माण यज्ञ (गीत)
उद्बोधन-राष्ट्र के लिए (गीत)
आमन्त्रण (गीत)
एकलव्यकी दिव्य दक्षिणा (गीत)
वरदान नहीं माँगा करते (गीत)
अभिव्यक्ति (गीत)
जल उठे यदि दीप सुन्दर साधना का (गीत)
निवेदिता की गुरू दीक्षा (गीत)
सच्चा जीवन (गीत)
तप की महिमा (गीत)
उद्बोधन (गीत)
दुर्बलता के ध्वार (गीत)
कर्मयोग (गीत)
स्वप्न या सत्य (गीत)
अर्जुनोर्वशीयम (गीत)
स्वर्ग का निर्माण होना है (गीत)
नारी का शक्ति स्त्रोत (गीत)
राष्ट्र जीवन की जय (गीत)
रात और दिन की बात (गीत)
कर्तव्य भाव का ध्यान करो (गीत)
शशि और सिन्धु (गीत)
हमारा देश (गीत)
बनो शांति के सहचर (गीत)
भरत की अन्तर्भावना (गीत)
जीवन का सम्मान (गीत)
क्षमता का विस्तार (गीत)
उठो जवानो निफल पड़ो अब नवयुग के निर्माण की (गीत)
सन्त विनोवा (गीत)
संघर्षों की वेला (गीत)
पौरूष की जीत (गीत)
कर्मयोग (गीत)
बादलों ने हार मानी (गीत)
निर्माण करो (गीत)
झरने का आत्म परिचय (गीत)
मनुष्य की पहचान (गीत)
नीलकण्ठ विष पियो (गीत)
श्रमशील चींटी (गीत)
हारे हुये व्यक्ति के नाम (गीत)
महात्मा और सर्प (गीत)
बूँदों का बलिदान (गीत)
जीवन दीप जले (गीत)
अपनी अपनी राहें (गीत)
असम्भव-सम्भाव्य (गीत)
संकल्प-स्वर (गीत)
जीवन का राही (गीत)
यज्ञकुण्ड में आहुति डालो (गीत)
मानवता का मन्दिर (गीत)
दिग्भ्रान्त साधक (गीत)
देव और मनुज (गीत)
व्यर्थ का उलाहना (गीत)
कैसा है वह धर्म फेरता माला चुप-चुप (गीत)
विचार क्रान्ति का युग (गीत)
सत्यमेव जयते (गीत)
निश्चय सत्य सूर्य निकलेगा (गीत)
मुझे यह कभी नहीं स्वीकार (गीत)
सत्य से प्यार नहीं तो कुछ नहीं (गीत)
क्रान्ति के स्वर (गीत)
अँधेरी रात (गीत)
हजारों भगीरथ च पडे (गीत)
चलते समय (गीत)
इन प्रश्नों के उतर दो (गीत)
नये इन्सान का युग का नया निर्माण अब होगा (गीत)
ऎक्य विजय (गीत)
दो नया विश्वास जग को (गीत)
धरा का स्वर्ग (गीत)
थके हुए विहगं से (गीत)
आत्म विश्वास भरो (गीत)
ब्रह्मचर्य वन्दना (गीत)
नया इन्सान बनायेंगे (गीत)
आज गति ही चरण (गीत)
श्रम की गीता (गीत)
मिथ्या अभिमान (गीत)
ऎसी बात नहीं (गीत)
पुस्तकालय महिमा (गीत)
बढ़ते चलो (गीत)
जीवन दीप जले (गीत)
पुस्तकालय को प्रणाम (गीत)
आत्मदान की वेला (गीत)
ज्ञानयज्ञ के लिए निमन्त्रण (गीत)
प्रेम की आवाज (गीत)
झोला पुस्तकालय और लाइब्रेरी सम्वाद (गीत)
ज्ञानयज्ञ करना ही होगा (गीत)
कालपुरूष के सहचर बनो (गीत)
दीपक का आत्म निवेदन (गीत)
कर्म और धर्म का समन्वय (गीत)
साधक बनो-बाधक नहीं (गीत)
कायर नहीं कहाऊँगा (गीत)
निशङ्क हमने दिया जलाया (गीत)
वह बसन्त आया नहीं है (गीत)
मरने से नहीं डरोरे (गीत)
मोहभंग (गीत)
निज कर्तव्य पालो (गीत)
प्रोत्साहन (गीत)
तुम बदले तो युग बदलेगा (गीत)
ऎसे पिसर पैदा कर (गीत)
धरा पर स्वर्ग लाना है (गीत)
लो जल उठी मशाल क्रान्ति की (गीत)
शिखर पर झण्डा फहरायेगा (गीत)
जीवन ज्ञान (गीत)
शूल और फूल (गीत)
मनुज गया है हार न कहना (गीत)
जागृति सन्देश (गीत)
सत्य पथ तुमको बुलाता है (गीत)
बोकर तो देखो (गीत)
मानवों से (गीत)
पथ का परिचय (गीत)
बूँद-बूँद दो रक्त साथियो (गीत)
जागरण (गीत)
पटाक्षेप (गीत)
Related Articles
6_प्रशिक्षण के विषयों का सिलेबस (लेख)
70
0
4_प्रशिक्षण के विषय एवं उनकी शिक्षण अवधि (लेख)
66
0
4_विष्णु (लेख)
56
0
Related Stories
सन १९६२ का भीषण भविष्य
400
0
सन ६२ के लिये एक प्राचीन ग्रन्थ की भविष्यवाणी
413
0
मानवता का विष पीजाओ (कविता)
654
0
उज्ज्वल भविष्य का शुभ चिन्ह
434
0
हमारा भूत और भविष्य
371
0
अपने विषय में चिन्ता न करें
427
0
दुखी सदा को? विषयानुरागी
405
0
‘अखण्ड-ज्योति’ का भूत और भविष्य
449
0
भविष्य में क्या होगा
421
0
विषयों में रमणीयता नहीं है।
454
0
Share this Document
WhatsApp
Facebook
X
Telegram
LinkedIn
Copy Link